राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़! सोनम की जमानत रद्द कराने हाई कोर्ट पहुंची मेघालय सरकार

Editor
4 Min Read

इंदौर

देश को झकझोर कर रख देने वाले मेघालय के चर्चित ‘हनीमून मर्डर केस’ में एक बार फिर बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मेघालय राज्य सरकार ने शिलॉन्ग की एक निचली अदालत द्वारा इस खौफनाक हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत के खिलाफ मेघालय हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर शिलॉन्ग कोर्ट के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है, जिसके तहत अप्रैल 2026 में सोनम को बेल दी गई थी. पुलिस और अभियोजन पक्ष का तर्क है कि मामला बेहद संगीन और सुनियोजित हत्या का है, इसलिए मुख्य आरोपी का जेल से बाहर आना जांच और गवाहों को प्रभावित कर सकता है।

यह पूरा मामला मई 2025 का है, जब मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राजा रघुवंशी (29 साल) की शादी 11 मई 2025 को सोनम रघुवंशी (25 साल) से हुई थी. शादी के कुछ ही दिनों बाद 20 मई को यह नवविवाहित जोड़ा हनीमून मनाने के लिए मेघालय की खूबसूरत वादियों में पहुंचा था. लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह रोमांटिक ट्रिप एक खौफनाक मर्डर सीन में तब्दील होने वाला है. 23 मई 2025 को चेरापूंजी (सोहरा) के नोंगिर्यत गांव में एक होमस्टे से चेकआउट करने के बाद यह जोड़ा अचानक लापता हो गया था. शुरुआत में इसे एक सामान्य लापता होने या दुर्घटना का मामला माना जा रहा था, लेकिन जब 2 जून 2025 को एनडीआरएफ के ड्रोन ने सोहरा के वेई सावदोंग झरने के पास एक गहरी खाई में राजा रघुवंशी का सड़ा-गला शव बरामद किया, तो इस पूरे रहस्य से पर्दा उठा।

मेघालय पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए. पुलिस के अनुसार, यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सोनम रघुवंशी द्वारा रची गई एक सोची-समझी और बर्बर हत्या थी. सोनम का इंदौर में ही राज कुशवाहा नाम के एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था और उसने शादी के महज तीन दिन बाद ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली थी. इस साजिश के तहत राज कुशवाहा ने अपने तीन दोस्तों को 50,000 रुपये देकर कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में मेघालय भेजा था. जब राजा और सोनम ट्रैकिंग कर रहे थे, तभी इन भाड़े के हत्यारों ने राजा पर धारदार हथियार से हमला किया और उन्हें गहरी खाई में धक्का दे दिया, जबकि सोनम चुपचाप खड़ी यह सब देखती रही।

हत्या को अंजाम देने के बाद सोनम खुद को पीड़ित दिखाने के लिए गायब हो गई और अलग-अलग राज्यों में छिपती रही, जबकि बाद में उसे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के एक ढाबे से गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने इस मामले में सोनम, उसके प्रेमी राज कुशवाहा और तीनों कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इस सनसनीखेज मामले में अप्रैल में शिलॉन्ग की एक अदालत ने सोनम को जमानत दे दी थी, जिसका अब मेघालय सरकार पुरजोर विरोध कर रही है. हाई कोर्ट में दायर अपनी याचिका में सरकार ने दलील दी है कि निचली अदालत ने अपराध की क्रूरता और साजिश की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए जमानत दी है, जिसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live