कटिहार स्कूल में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर बवाल, शिक्षकों पर मारपीट के आरोप

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बरारी/कटिहार.

बिहार के कटिहार जिले में बरारी स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय सह उत्क्रमित मध्य विद्यालय, मौलानाचक गुरमेला में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को चेतना सत्र के दौरान राष्ट्रीय गीत के गायन का विरोध और शिक्षकों के बीच मारपीट की घटना के बाद सोमवार को भी विद्यालय खुलने पर चेतना सत्र आयोजित नहीं हो सका।

बिना प्रार्थना के ही कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया गया। इससे अन्य शिक्षकों में आक्रोश है। मामले में आरोप है कि बीते शनिवार को शिक्षक फरहन अंजुम ने चेतना सत्र के दौरान वंदे मातरम् के गायन का विरोध किया। जब अन्य शिक्षकों ने इसे सरकारी निर्देशों का पालन करने की बात कही तो स्थिति विवाद में बदल गई।

हाथापाई और गाली-गलौज का आरोप
आरोप है कि इस दौरान शिक्षक अबू तालिब ने अन्य शिक्षकों के साथ गाली-गलौज और हाथापाई की। इतना ही नहीं उन्होंने कथित तौर पर माहौल बिगाड़ने की धमकी भी दी। स्थिति तब और बिगड़ गई, जब दोनों शिक्षकों ने समर्थन में विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य अनारूल हक को बुला लिया। इससे विद्यालय परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और माहौल कुछ समय के लिए अराजक हो गया था।

घटना के बाद विद्यालय के शिक्षक पियूष कुमार राणा, अमित कुमार, चांदनी कुमारी, नेहा कुमारी, अमित आनंद और अश्विनी कुमार ने बीआरसी पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में फरहन अंजूम पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के विरोध और अबू तालिब पर गाली-गलौज, हाथापाई तथा दंगा भड़काने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। बताया यह भी जा रहा है कि पूरी घटना विद्यालय के सीसीटीवी में कैद है।

जांच के लिए नहीं पहुंचा कोई अधिकारी 
इधर, मामले सामने आने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार सिंह ने शनिवार को ही दोनों आरोपित शिक्षकों से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था। सोमवार को बीडीओ धीरेंद्र कुमार धीरज ने विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य अनारूल हक के हस्तक्षेप को लेकर जवाब तलब किया है। हालांकि, इतनी बड़ी घटना के बावजूद सोमवार तक कोई भी वरीय अधिकारी विद्यालय में जांच के लिए नहीं पहुंचे। इससे शिक्षकों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। इसका सीधा असर विद्यालय के पठन-पाठन सहित सामाजिक वातावरण पर भी पड़ता नजर आ रहा है।

वंदे मातरम् का विरोध करना अनुशासनहीनता –
वंदे मातरम् गायन का विरोध करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। स्पष्टीकरण के जवाब मिलने के बाद अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। प्रार्थना नहीं होने की बात की जानकारी नहीं है। इसे लेकर जांच की जाएगी।
– राजकुमार सिंह, बीईओ, बरारी-कटिहार

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