पंजाब के लिए गर्व का पल! कोच बलदेव सिंह, हरमनप्रीत और संत निरंजन दास को मिलेगा पद्मश्री

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पंजाब के लिए गर्व का पल! कोच बलदेव सिंह, हरमनप्रीत और संत निरंजन दास को मिलेगा पद्मश्री
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चंडीगढ़ 
पंजाब की तीन हस्तियों को आज पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इनमें हॉकी कोच बलदेव सिंह, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और संत निरंजन दास शामिल हैं। बलदेव सिंह एक अनुभवी हॉकी कोच हैं जिन्होंने 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया है। साथ ही एक प्रमुख महिला हॉकी प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की। वहीं प्रसिद्ध महिला क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर ने कप्तान के रूप में भारत को महिला विश्व कप में जीत दिलाई और टी20 क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय शतक बनाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनकर इतिहास रचा।

आध्यात्मिक नेता संत निरंजन दास ने सरवन दास चैरिटेबल आई हॉस्पिटल और सरवन दास मॉडल स्कूल की स्थापना की। सभी लोगों को भय और गरीबी से मुक्त जीवन जीने का उपदेश दिया। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर तीनों को पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी और अब सोमवार को सम्मानित किया जाएगा।

स्वच्छता के सिपाही इंदरजीत सिद्धू को राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मु करेंगी सम्मानित
चंडीगढ़ के लिए आज गर्व का क्षण होगा जब सेक्टर-49 की सड़कों पर रोज सुबह झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश देने वाले 88 वर्षीय रिटायर्ड डीआईजी इंदरजीत सिंह सिद्धू को राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मु पहले सिविल इनवेस्टिचर समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगी।

पंजाब पुलिस से 1996 में सेवानिवृत्त हुए इंदरजीत सिंह सिद्धू पिछले कुछ वर्षों से रोज सुबह पांच बजे उठकर खुद सड़कों की सफाई करते हैं। उनका कहना है कि वह किसी पर दबाव डालने के बजाय खुद उदाहरण पेश कर लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करना चाहते हैं। पिछले वर्ष उनका सफाई करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद वह देशभर में चर्चा का विषय बन गए।

मूलरूप से पंजाब के संगरूर निवासी सिद्धू आतंकवाद के दौर में अमृतसर में एसपी सिटी जैसे अहम पदों पर तैनात रहे। पत्नी के निधन और बेटे के विदेश में बसने के बाद भी उन्होंने समाज सेवा का रास्ता नहीं छोड़ा। वह कहते हैं कि जब तक शरीर साथ देगा, सफाई अभियान जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि अमेरिका यात्रा के दौरान बेटे की ओर से सड़क पर कागज फेंकने से रोकने की घटना ने उन्हें स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया।

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