ईरान-अमेरिका तनाव में शांति डील की चर्चा तेज, 5 शर्तों पर अटका समझौता

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ईरान-अमेरिका तनाव में शांति डील की चर्चा तेज, 5 शर्तों पर अटका समझौता
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नई दिल्ली  

ईरान और अमेरिका के बीच महीनों से जारी तनाव के बीच अब संभावित पीस डील की रूपरेखा सामने आने लगी है. ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज ने दावा किया है कि वॉशिंगटन ने तेहरान के सामने पांच बड़ी शर्तें रखी हैं, जिन पर समझौते की कोशिश चल रही है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-ईरान में शांति समझौते पर बातचीत लगभग तय हो गई है और इसका जल्द ही ऐलान किया जाएगा.

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते के ड्राफ्ट में सबसे बड़ा मुद्दा ईरान के संवर्धित यूरेनियम का है. अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने 400 किलोग्राम हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को अमेरिका के हवाले करे. यही यूरेनियम लंबे समय से पश्चिमी देशों की चिंता का कारण बना हुआ है, क्योंकि इसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने की दिशा में अहम माना जाता है.

दूसरी बड़ी शर्त ईरान के न्यूक्लियर ढांचे को लेकर है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि ईरान सिर्फ एक न्यूक्लियर फैसिलिटी को चालू रखे, जबकि बाकी गतिविधियों पर रोक लगे. इसके अलावा अमेरिका ने यह भी साफ कर दिया है कि वह युद्ध में हुए नुकसान की कोई भरपाई या मुआवजा नहीं देगा.

क्या ईरान को मिलेगा फ्रीज फंड?
फार्स न्यूज की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका ने फिलहाल ईरान की विदेशों में जमा फ्रीज संपत्तियों को रिलीज करने से इनकार कर दिया है. वहीं अलग-अलग मोर्चों पर सीजफायर को भी बातचीत की प्रगति से जोड़ा गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते में एक अहम सुरक्षा क्लॉज भी शामिल है. इसमें कहा गया है कि अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान या उसके सहयोगी गुटों पर हमला नहीं करेंगे. इसके बदले ईरान भी अमेरिका और उसके सहयोगियों पर कोई प्रीएम्प्टिव यानी पहले हमला नहीं करेगा.

हालांकि इन दावों पर अभी तक न तो अमेरिका की तरफ से कोई आधिकारिक बयान आया है और न ही ईरान ने खुलकर पुष्टि की है.

जंग खत्म करने के लिए ईरान की भी रखी पांच शर्तें
ईरान ने भी इससे पहले दूसरे दौर की बातचीत के लिए अपनी पांच शर्तें रखी थीं. इनमें सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना, खासकर लेबनान में संघर्ष रोकना, आर्थिक प्रतिबंध हटाना, फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियां वापस करना, युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता देना शामिल था.

अमेरिका-ईरान जंग की टाइमलाइन
ईरान और अमेरिका के बीच 8 अप्रैल को सीजफायर हुआ था. इससे पहले 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई शहरों और सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके बाद करीब 40 दिन तक संघर्ष चला. बाद में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच इस्लामाबाद में बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका. इसके बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच कई ड्राफ्ट प्रस्ताव एक्सचेंज हुए.

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