बिहार में 36 जिला अस्पताल बनेंगे सुपर स्पेशियलिटी, स्वास्थ्य ढांचे में बड़ा बदलाव

Editor
3 Min Read
बिहार में 36 जिला अस्पताल बनेंगे सुपर स्पेशियलिटी, स्वास्थ्य ढांचे में बड़ा बदलाव
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

 समस्तीपुर

सात निश्चय- 3 अंतर्गत सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन के तहत राज्य के 36 जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और 534 प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा।

राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य सरकार ने एक व्यापक और दूरगामी कार्ययोजना तैयार की है।

योजना का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों पर निर्भरता से राहत दिलाना है। इन अस्पतालों में हार्मोन रोग, तंत्रिका रोग, हृदय रोग, मूत्र रोग और गुर्दा रोग से संबंधित विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

पत्र के बाद समस्तीपुर जिले में तैयारी को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। रिपोर्ट के आधार पर राज्यभर में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि लोगों को बड़े शहरों पर निर्भर हुए बिना अपने जिले में ही बेहतर इलाज मिल सके। सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि राज्य स्तर से पत्र जारी किया गया है। इस दिशा में रिपोर्ट देने को लेकर प्रक्रिया चल रही है।

रिपोर्टिंग के लिए जारी किया गया दिशा-निर्देश
राज्य स्वास्थ्य समिति ने दो अलग-अलग प्रारूप जिलों को भेजे हैं। प्रखंड स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए जानकारी में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं, उपलब्ध चिकित्सक, बेड, भवन, उपकरण, जांच सुविधा और जनसंख्या कवरेज शामिल है। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या, आपरेशन थिएटर, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलाजी, आक्सीजन, एंबुलेंस और दवा भंडारण जैसी सुविधाओं का ब्योरा देना अनिवार्य है।

जिला अस्पतालों के लिए सुपर स्पेशियलिटी स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सक जैसे मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री रोग, शिशु रोग, फिजियोथेरेपिस्ट, निश्चेतक, नेत्र रोग, हड्डी रोग, आंख-कान-गला रोग, हृदय रोग विशेषज्ञ और नेफ्रोलाजिस्ट की संख्या बताना आवश्यक है। इसके अलावा ब्लड बैंक, आईसीयू, एनआईसीयू, पीकू, ट्रामा सेंटर, माड्यूलर आपरेशन थिएटर, आधुनिक जांच मशीनें और बेड क्षमता का विवरण भी शामिल करना होगा।

बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की योजना
यह पहल वर्ष 2025-30 के दौरान विकासात्मक और लोक कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुश्रवण को मजबूत करने की दृष्टि से की जा रही है। राज्यभर में रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और आम जनता को अपने जिले में ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की योजना तैयार की जाएगी।

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *