कुरुक्षेत्र STF मुठभेड़ में बड़ा खुलासा, टर्किश पिस्टल बरामद होने से अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के संकेत

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कुरुक्षेत्र

 गांव रतनगढ़ के पास एसटीएफ द्वारा मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए दोनों शूटरों से बरामद हथियार एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय हथियार नेटवर्क की ओर गंभीर संकेत दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि आरोपितों के कब्जे से पीएक्स-5 टर्किश पिस्टल बरामद की गई हैं।

पिछले कुछ समय से भारत में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क में टर्किश हथियारों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। जानकारी के अनुसार, जोराकी, रेटे और जिगाना जैसी टर्किश पिस्टल्स अब अलग-अलग राज्यों में अपराधियों के बीच लगातार देखी जा रही हैं।

हथियारों के प्रवेश के लिए एक संगठित सप्लाई चेन सक्रिय
सूत्रों के अनुसार, ये टर्किश पिस्टल्स मूल रूप से तुर्किये में स्पोर्ट्स शूटिंग और सेल्फ-डिफेंस के लिए वैध रूप से तैयार की जाती हैं, लेकिन बाद में इनका बड़ा हिस्सा अवैध तस्करी नेटवर्क के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच जाता है। यहां से यह हथियार यूरोप, पश्चिम एशिया और बाल्कन देशों के रास्ते होते हुए दक्षिण एशिया तक लाए जाते हैं।

भारत में इन हथियारों के प्रवेश के लिए एक संगठित सप्लाई चेन सक्रिय है, जिसमें हथियारों को छोटे-छोटे खेपों में अलग-अलग देशों के डीलरों तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद इन्हें सीमा पार तस्करी, कोरियर नेटवर्क, फर्जी बिलिंग और छिपे हुए लाजिस्टिक चैनलों के जरिए भारत लाया जाता है। कई मामलों में इन्हें पार्ट्स में अलग-अलग भेजकर बाद में असेंबल करने की भी बात सामने आई है।

गैंगस्टरों की पसंद बनी टर्की मेड जिगाना पिस्टल
जिगाना पिस्टल, जिसे तुर्किये की ड्यूरेबल और हाई-रिलायबिलिटी सेमी-आटोमैटिक पिस्टल माना जाता है और हाल के वर्षों में गैंगस्टर नेटवर्क में खास तौर पर चर्चित रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन टर्किश हथियारों का बढ़ता उपयोग संगठित अपराध के बदलते स्वरूप और अंतरराष्ट्रीय हथियार सप्लाई नेटवर्क की सक्रियता को दर्शाता है।

सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी हैं कि आखिर ये आधुनिक टर्किश हथियार किन अंतरराष्ट्रीय रास्तों से भारत में प्रवेश कर रहे हैं और किन स्थानीय संपर्कों के जरिए गैंगस्टरों तक पहुंच रहे हैं।

टीटी-30 और ग्लाक इससे पहले थी मनपसंद
विदेशी हथियारों के मामले में इससे पहले गैंगस्टरों के बीच टीटी-30 और ग्लाक पिस्टल सबसे ज्यादा लोकप्रिय मानी जाती थीं। लंबे समय तक रूस के टीटी-30 (स्टार-30 के नाम से भी जाना जाता) के चाइनीज माडल भारत के गैंग नेटवर्क में खूब इस्तेमाल हुए।

वहीं पिछले कुछ सालों से आस्ट्रिया मेड ग्लाक गैंगस्टरों के बीच काफी लोकप्रिय थी। हालांकि अब पुराने टीटी और ग्लाक की जगह अब टर्की मेड पिस्टल्स जैसे जिगाना और अन्य हाई-एंड माडल तेजी से ले रहे हैं।

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